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जुलाई, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

तारा जोधा भारतीय संस्कृति के साथ सफल सोशल मीडिया स्टार Tara Jodha Social Media Star

 नाम तारा जोधा Star Baisa तारा जोधा का जन्म 12 जनवरी 1998 को राजस्थान के अजमेर जिले में हुआ था|अभी तारा जोधा  की उम्र (2021) 23 साल हैं| ओर अभी इनके ससुराल बाड़मेर में रहती है इंस्टाग्राम पे इनका एकाउंट tara jodha के नाम से बना हुआ है इनका एक यूट्यूब चैनल भी है https://youtube.com/channel/UCtu6EtbfoqdQGRWkvsw1Mnw तारा जोधा एक शोशल मीडिया स्टार है वो टिकटोक पे वीडियो बनाती थी पहले टिकटोक पर इनके 1.7 मिलियन फॉलोवर एवम 45 मिलियन लाइक्स थे और इनकी भारत मे रैकिंग 743 नो. पर थी फिर टिकटोक के भारत मे बंद होने के बाद अब उन्होंने इंस्टाग्राम पे वीडियो बनाना शुरू किया है इंस्टाग्राम पे ये अभी तक 2500 पोस्ट कर चुकी है और इनके लगभग 400k फॉलोवर है ओर जिस हिसाब से इनके वीडियो प्रसिद्व हो रहे उस हिसाब से आने वाले दिनों में इनके मिलियन में फॉलोवर होंगे  इनके वीडियो की खास बात ये  है कि ये बहुत अच्छे expression के साथ वीडियो बनाती है और यह भारतीय संस्कृति का भी पूरा खयाल रखती है अपने वीडियो में इनके वीडियो में कभी भी किसी प्रकार की अश्लीलता नही होती है लेकिन मनोरंजन से भरपूर होते...

डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षण क्या हैं? What is delta plus variant

डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षण क्या हैं? भारत के शीर्ष वायरोलॉजिस्ट ने कहा है कि डेल्टा प्लस संस्करण में डेल्टा के साथ-साथ इसके साथी बीटा संस्करण के लक्षण भी हैं। इनमें से कुछ लक्षणों में खांसी, दस्त, बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, उंगलियों और पैर की उंगलियों का रंग बदलना, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। विशेषज्ञों द्वारा सूचीबद्ध और डेल्टा प्लस संस्करण के लिए जिम्मेदार अन्य लक्षण हैं: पेट में दर्द, मतली और भूख में कमी। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, एक वायरस रेप्लिकेट करता है यानी अपनी कार्बन कॉपिज बनाता है. इस प्रकिया को म्यूटेशन कहते हैं. एक या एक से अधिक नए म्यूटेशन वाले वायरस को मूल वायरस के वेरिएंट के रूप में जाना जाता एक्सपर्ट ने बताया कि जब SARs-COV-2 वायरस की बात आती है तो इसमें कई बार म्यूटेशन हुआ है. डेल्टा वेरिएंट भी इसी पैदा हुआ है. इसे B.1.617.2 के रूप में भी जाना जाता है. इस वेरिएंट को अब तक का सबसे प्रमुख स्ट्रेन माना जा रहा है. वहीं, मूल स्ट्रेन के विरोध में, म्यूटेशन में जीनोमिक सिक्वेन्स में अंतर हो सकता है. ये इन्हें तेज गति से स्वस्थ कोशिकाओं से जुड़ने क...

बालों के विकास के लिए जड़ी बूटी

 बाल केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। जिन बालों को हम देखते हैं और उनकी इतनी देखभाल करते हैं, वे वास्तव में मृत कोशिकाओं के अलावा और कुछ नहीं हैं। जो भाग जीवित रहता है वह खोपड़ी के नीचे होता है और कूप कहलाता है। कूप के पास वसामय ग्रंथियां होती हैं जो बालों को जीवंत और चमकदार बनाती हैं। ये वसामय ग्रंथियां सीबम उत्पादन के आधार पर बालों को तैलीय या शुष्क बनाती हैं। बालों के विकास के लिए जड़ी-बूटियों के उपयोग निम्नलिखित हैं: बालों के विकास के लिए जड़ी-बूटियों का उपयोग करने के बारे में पहली सकारात्मक बात यह है कि इनसे जुड़े कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं जैसे कि बाजार में उपलब्ध दवाएं। अगर आपके बाल बेजान हैं, तो अच्छे हर्बल तेल से मालिश करके इसे और बेहतर बनाया जा सकता है। बालों में मेहंदी लगाने से डीप कंडीशन हो जाती है। बालों के विकास के लिए मेंहदी एक बहुत ही पारंपरिक और व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला उपचार है। यह जड़ी बूटी उष्ण कटिबंध में उपलब्ध है। मेहंदी का उपयोग प्राकृतिक रंग के रूप में भी किया जाता है। मेंहदी को अन्य जड़ी-बूटियों जैसे आंवले, कॉफी और नींबू के रस के साथ मिलाया ज...

अभिनेता दिलीप कुमार का निधन

 हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता दिलीप कुमार का बुधवार 7 जुलाई 2021 को सुबह निधन हो गया। वह 98 साल के थे और पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे वह कुछ दिनों से मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल में भर्ती थे दिलीप कुमार का असली नाम मोहम्मद यूसुफ खान था और उनका जन्म आजादी के पूर्व भारत वर्तमान पाकिस्तान के पेशावर में 11 दिसंबर 1922 को हुआ था। दिलीप कुमार ने शहीद, मेला, अंदाज, जोगन, बाबुल, दाग, आन, देवदास, आजाद, नया दौर, मधुमती, पैगाम, कोहिनूर, मुगल-ए-आजम, गंगा जमुना, राम और श्याम, आदमी, गोपी, क्रांति, शक्ति, विधाता, कर्मा और सौदागर जैसी एक से बढ़कर एक   सुपरहिट फिल्मो में काम किया उनके निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर है. उन्हें भारतीय फ़िल्मों के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, इसके अलावा दिलीप कुमार को पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज़ से भी सम्मानित किया गया है।

रसोई गैस महंगी अशोक गहलोत ने उठाये केंद्र पर सवाल

 रसोई गैस सिलेंडर जुलाई महीने में ओर महंगा हो गया है पहले से महंगे पेट्रोल और डीजल से परेशान लोगो के लिए ओर अधिक परेशानी हो गयी है इंडियन आयल ने दिल्‍ली में बिना सबसिडी वाले 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर के रेट 1 जुलाई 2021 से बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने एक सिलेंडर की कीमत में 25.50 रुपए की बढ़ोतरी की है। इससे 809 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर अब 834.50 रुपए में मिलेगा। इसके साथ ही 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के रेट भी 1 जुलाई 2021 से बदल गए हैं। इसके रेट में 76.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। अब यह 1550 रुपए में मिलेगा।  इसी के राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर महंगे रसोई गैस को लेकर सवाल उठाये है  मोदी सरकार ने पिछले 14 महीने में रसोई गैस सिलेंडर के दाम 255 रुपये बढ़ा दिए हैं। गैस सब्सिडी भी बन्द हो गई है। इससे आमजन खाना पकाने के लिए सिलेंडर छोड़कर पुनः कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल को मजबूर हो  रहे हैं। यूपीए के समय 450 रुपये का गैस सिलेंडर मोदी सरकार 838 रुपये में बेच रही है।